Kaushlendra Pandey/वैशाली, बिहार –बिहार की पावन भूमि वैशाली, जिसने कभी भगवान बुद्ध को अंतिम उपदेश ‘अप्प दीपो भव’ दिया था, आज फिर से अपने गौरवशाली अतीत को जीवंत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप का विधिवत उद्घाटन किया।
यह स्मृति स्तूप बौद्ध आस्था, शांति और दर्शन का वैश्विक केंद्र बनेगा और साथ ही बिहार की सांस्कृतिक विरासत को एक नई ऊँचाई देगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “बिहार न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि यह आस्था और संस्कृति का केंद्र भी है। यह स्तूप वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बिहार को नई पहचान देगा।”
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, श्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, श्री जयंत राज कुशवाहा, श्री मोतीलाल प्रसाद, विधायक श्री सिद्धार्थ पटेल, जदयू प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा तथा जदयू वैशाली जिला अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र सिंह सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस स्तूप और संग्रहालय के निर्माण से वैशाली को बौद्ध धर्म से जुड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का नया केंद्र माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह परियोजना रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी।
बिहार सरकार के इस पहल से यह स्पष्ट है कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।




























