Kaushlendra Pandey/पटना ब्यूरो, 20 सितम्बर 2025 — शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आज पटना स्थित ललित नारायण मिश्रा प्रबंधन संस्थान (LNMI) में एक विशेष MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के विद्यालयों में समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और सशक्त शिक्षा प्रणाली को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों के साथ सहयोग स्थापित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी भागीदार संस्थाओं का स्वागत करते हुए कहा कि “शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल विद्यालय में उपस्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बन सके। इन साझेदारियों से छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें जीवन और करियर के लिए तैयार करने में भी सहायता मिलेगी।”
आज जिन प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौते किए गए, वे हैं —
• Piramal Foundation – विद्यालयों में क्षमता संवर्धन, शिक्षकों के सहयोग तंत्र, और जीवन कौशल के विकास हेतु समर्थन प्रदान करेगा।
• SATHEE (IIT Kanpur) – माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को नि:शुल्क बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE/NEET) की तैयारी हेतु डिजिटल संसाधन, लाइव सेशन और प्रैक्टिस प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा।
• Udayan Care – सरकारी विद्यालयों की मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति, करियर गाइडेंस और मेंटोरिंग सुविधा उपलब्ध कराएगा।
• Colgate-Palmolive (CSR Initiative) – बच्चों में मौखिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता लाने हेतु स्कूल स्तर पर कार्य करेगा।
• Sightsavers – दृष्टिबाधित बच्चों हेतु समावेशी शिक्षा, ब्रेल सामग्री, शिक्षक प्रशिक्षण और स्क्रीनिंग सुविधा प्रदान करेगा।
• Educate Girls – बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ने में सहयोग करेगा।
• NIELIT, Patna – राज्य के विश्वविद्यालयों में डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं उन्नत आईटी प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
• Family Tree Foundation – सरकारी विद्यालय परिसरों में वृक्षारोपण, पर्यावरण शिक्षा और ग्रीन स्कूल संस्कृति को बढ़ावा देगा।
• PRAYOG – चयनित विद्यालयों में समृद्ध पुस्तकालयों की स्थापना, पठन संस्कृति, और सामुदायिक पठन गतिविधियों को सशक्त करेगा।
माननीय शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा:
“राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हमारे कुल बजट का 20% से अधिक शिक्षा पर व्यय इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज किए गए ये समझौते प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न आयामों को छूते हैं, जिनसे राज्य के लाखों विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।”
निदेशक प्राथमिक, श्रीमती साहिला ने उपस्थित संस्थाओं और पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा:
“आज का यह कदम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत है। हम मिलकर शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन का माध्यम बनाएंगे।”
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से माननीय शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग डॉ. बी. राजेन्दर, BEPC राज्य परियोजना निदेशक श्री मयंक वरवड़े, सचिव श्री अजय यादव, सचिव-सह-निदेशक माध्यमिक श्री दिनेश कुमार, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्रीमती साहिला, तथा निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. (डॉ.) नवीन अग्रवाल सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी, सहभागी संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


























