Kaushlendra Pandey,पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में अशिक्षा, बेरोजगारी और पलायन राज्य की नियति बन गई थी। उस दौर में युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अच्छे संस्थान नहीं थे, रोजगार के अवसर नहीं थे, और उन्हें राज्य से बाहर जाकर अपमान झेलना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “2005 से पहले नौकरी के लिए वैकेंसी नहीं के बराबर निकलती थी, और अगर निकलती भी थी तो सत्ता के संरक्षण में नौकरी का सौदा हो जाता था। सरकारी कर्मचारियों को महीनों वेतन और पेंशन नहीं मिलती थी। कई बार वेतन के लिए उन्हें धरना-प्रदर्शन तक करना पड़ता था। आज वही लोग सत्ता के लोभ में हवा-हवाई वादे कर रहे हैं।”
नीतीश कुमार ने आगे कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया गया। युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण का इंतजाम किया गया। अब हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान हैं। कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिससे अब बिहार के छात्र बाहर जाने के बजाय अन्य राज्यों के छात्र बिहार में पढ़ने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2005 से 2020 के बीच 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। सात निश्चय-2 के तहत 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का संकल्प लिया गया था। अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। यानी कुल 50 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार मिल चुका है।
नीतीश कुमार ने कहा कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए विभिन्न विभागों में नए पद सृजित किए गए हैं और बहाली की प्रक्रिया जारी है। कौशल विकास के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं। भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लाया गया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। डबल इंजन की सरकार की ताकत से अब राज्य में तेजी से औद्योगीकरण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मेक इन इंडिया” के तहत रक्षा मंत्रालय से समन्वय कर बिहार में ‘बिहार डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ की स्थापना की जाएगी। साथ ही, ओडिशा, कर्नाटक और गुजरात की तर्ज पर बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों के क्लस्टर बनाए जाएंगे। इससे उच्च तकनीकी रोजगार और निवेश में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से महारत्न, नवरत्न और मिनी रत्न उपक्रमों के माध्यम से औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। बिहार के सफल उद्यमियों और निवेशकों को भी राज्य में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
नीतीश कुमार ने कहा कि आज सभी सरकारी कर्मियों को समय पर वेतन और पेंशन दी जा रही है, और वित्तीय प्रबंधन बेहतर हुआ है ताकि विकास योजनाओं की गति बनी रहे।
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा — “कुछ लोग युवाओं को बरगलाने के लिए भ्रामक घोषणाएँ कर रहे हैं। जब 15 साल तक राज्य में उनकी सरकार थी, तब उन्होंने युवाओं के हित में कोई काम नहीं किया। वे सिर्फ खजाना लूटने में व्यस्त थे।”
मुख्यमंत्री ने अपील की — “आप किसी भ्रम में न रहें। हमारी सरकार ने जो काम किए हैं, उन्हें याद रखिए। आगे भी हम ही काम करेंगे। हम जो कहते हैं, वह पूरा करते हैं।”
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