Kaushlendra Pandey/CIN /प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 के सेशन “A Fair and a Just Future for All” को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य की तकनीकों को आगे बढ़ाने का आधार मानव-केंद्रित, वैश्विक और ओपन-सोर्स मॉडल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का लाभ सीमित समूहों तक नहीं, बल्कि पूरी मानवता तक पहुंचना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत के विज़न को विस्तार से बताते हुए कहा कि India-AI Mission के तहत देश में ऐसी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता विकसित की जा रही है जिससे एआई के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकें। भारत की नीति समान पहुंच, जनसंख्या-स्तरीय स्किलिंग, और जिम्मेदार एआई उपयोग पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया को “Jobs of Today” से “Capabilities of Tomorrow” की ओर तेजी से बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने नई दिल्ली G20 शिखर सम्मेलन में टैलेंट मोबिलिटी पर हुए कार्य का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव दिया कि आने वाले वर्षों में G20 को एक ग्लोबल फ्रेमवर्क फॉर टैलेंट मोबिलिटी तैयार करना चाहिए ताकि वैश्विक कौशल आदान-प्रदान को मजबूती मिल सके।
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