कोलकाता के प्रतिष्ठित प्रेक्षागृह नंदन-2 में फिल्म ‘लक्ष्मी एलो घरे’ के डायरेक्टर्स कट प्रिव्यू का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सिनेमा केवल कहानी कहने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी है। वर्तमान दौर में सामाजिक संदेश देने में फिल्में एक प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान बंगाल सरकार द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की व्यापक चर्चा हुई। लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर बताया गया। वहीं आनंदधारा, सबुज साथी, बांग्लार बाड़ी और स्वास्थ्य साथी जैसी योजनाओं को जनकल्याण और सामाजिक विकास का मजबूत आधार बताया गया।
वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा 1.96 लाख करोड़ रुपये रोके जाने के बावजूद मां-माटी-मानुष की सरकार ने आम लोगों को वंचित नहीं होने दिया। फिल्म ‘लक्ष्मी एलो घरे’ की कहानी को बंगाल की महिलाओं के वास्तविक जीवन की सशक्त और संवेदनशील झलक बताया गया, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।


























