Kaushlendra Pandey/नई दिल्ली: भारत सरकार की निवारक स्वास्थ्य देखभाल क्षमता को सुदृढ़ करने, स्वदेशी रूप से विकसित चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा अनुसंधान को व्यावहारिक स्वास्थ्य समाधानों में बदलने की प्रतिबद्धता के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस क्रम में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने महाराष्ट्र स्थित डी आर स्टोर हेल्थकेयर सर्विस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस पहल के अंतर्गत टीडीबी ने मधुमेह की सतत निगरानी तथा हृदय संबंधी रोगों का प्रारंभिक पता लगाने में सक्षम कार्डियोवैस्कुलर बायोमार्कर युक्त मल्टी-वाइटल कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) डिवाइस के निर्माण हेतु अनुदान सहायता को स्वीकृति दी है।
यह परियोजना भारत-कनाडा सहयोगात्मक औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थित है, जिससे दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह परियोजना न केवल देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी
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