Kaushlendra Pandey /नीतीश-भाजपा ने फिर पलटी मारी। चुनावों के वक्त मुफ़्त 125 यूनिट फ़्री बिजली देने का वादा कर चीटर मीटर वाले महज 4 महीने में ही जनता को लूटने वाले अपने असल रंग में लौट आए।
अब बिहार में शाम 11 बजे तक सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटे बिजली बिल 8.10 रूपये प्रति यूनिट, रात्रि 11 बजे से सुबह के 9 बजे तक यानि 10 घंटे तक 7.10 रुपए और फिर शेष 8 घंटे 5.94 ₹ प्रति यूनिट आपकी जेब से वसूलेंगे।
10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
चुनाव आयोग की अनैतिकता, धूर्तता और निर्जल्लता के सानिध्य में मशीनी तंत्र के मार्फ़त जनतंत्र को खत्म करने के इरादे से लड़े गए इस चुनाव में भ्रष्ट भूंजा पार्टी एवं भ्रष्ट अधिकारियों के कार्टेल ने स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं तथा लोकलाज को तार-तार करते हुए चुनाव के आख़िरी 35 दिनों में (वोटिंग के समय तक भी) जो 41,000 हज़ार करोड़ रुपए नगद सरकारी खजाने का बांटा है अब आगामी पाँच साल तक उसकी जी भरकर वसूली करेंगे।
थके-हारे जिस चेहरे को सोची समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत मोहरा बनाया गया, अब उसी अचेत चेहरे को भ्रष्ट और डरपोक सिंडिकेट ने इकरारनामे के तहत दरकिनार कर ही दिया है। देर-सवेर यह लोकतांत्रिक कलंक और आसमानी वादों की विफलता भी उन्हीं के माथे मढ़ी जाएगी। पूर्व की मेरी कहे अन्य तमाम बातों की तरह यह भी सत्य साबित होगा।
बिहार में पहले से ही बेकाबू रिश्वतखोरी, लूट और अनियंत्रित भ्रष्टाचार का अब अकल्पनीय दौर शुरू होगा।



























