आंध्र प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस ऐतिहासिक संशोधन के तहत अमरावती को राज्य की एकमात्र राजधानी के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार का कहना है कि यह विधेयक लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को समाप्त करेगा, निवेशकों का विश्वास बहाल करेगा और करीब 56,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को गति देगा। इससे राज्य में बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने इस मौके पर कहा कि अमरावती मॉडल, जो स्वैच्छिक भूमि पूलिंग पर आधारित है, सहभागी और समावेशी विकास का एक अनूठा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल में किसानों को राज्य के शहरी भविष्य का भागीदार बनाया गया है, जो देशभर में एक प्रेरणादायक और दोहराने योग्य ढांचा बनकर उभरा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है और समान विकास के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में सामने आया है। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से आंध्र प्रदेश में स्थिरता, पारदर्शिता और तेज आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।




























