बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि 2016 में महागठबंधन सरकार ने तेजस्वी जी के कहने पर शराबबंदी अभियान लागू किया था और इस संबंध में आम से लेकर खास लोगों तक ने शपथ लिया था कि ना पियेगें ना ही पीने देंगे। और इसका बिहार में व्यापक रूप से लोगों ने स्वागत किया था और जो मानव श्रृंखला का निर्माण हुआ था वो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ था। इधर हाल के दिनों में जिस तरह से एनडीए विधायक और नेताओं ने शराब बंदी की समीक्षा की बात कि उससे सरकार की भद पीट रही थी, उससे बचने के लिए मजबूरीवश बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को यह घोषणा करना पड़ा कि बिहार में शराबबंदी अभियान जारी रहेगा और इसे कोई समाप्त नहीं कर सकता। यह एनडीए के उन नेताओं के लिए झटका है जो बार-बार शराब माफिया के हितों में समीक्षा की बात कर रहे थे।
एजाज ने आगे कहा कि शराबबंदी लागू रहेगा या खाने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि तेजस्वी प्रसाद यादव जी के संकल्पों के साथ बिहार की महिलाओं ने यह महसूस किया कि बिहार में जो अपसंस्कृति और कोलाहल के माहौल से बचाकर बिहार के भविष्य को बेहतर करने का काम किया। साथ ही महिलाओं ने अपने बच्चों को पढ़ाने और भविष्य की जिंदगी को बेहतर बनाने का जो माहौल बना है ,उससे शोषितों , वंचितों, पिछड़ों ,
अतिपिछड़ों , दलितों और आदिवासियों के साथ-साथ हर घर में जो शांति का माहौल बना है उसको जारी रखने के पक्ष में महिलाएं हैं। इसीलिए शराबबंदी के मामले पर महिलाएं किसी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं।
इधर हाल के दिनों में एनडीए के विधायक शराब माफिया के इशारे पर बयान बाजी कर रहे हैं कि शराबबंदी की समीक्षा की जाए। महिलाओं के दबाव के कारण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिहार में शराबबंदी अभियान जारी है और जारी रहेगा।




























