Kaushlendra Pandey /नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री Dr. Jitendra Singh ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना की समीक्षा की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जोड़ना और भारत को वैश्विक स्पेस इनोवेशन हब के रूप में मजबूत करना है।
सरकार की योजना के तहत पहले चरण में देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 7 स्पेस लैब्स स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को उपग्रह, स्पेस टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
इस दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि भारत का स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है और 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हो चुके हैं। इन्हें बढ़ावा देने के लिए सरकार 1,000 करोड़ रुपये का वेंचर फंड उपलब्ध कराएगी, जिससे नवाचार और निजी भागीदारी को नई गति मिलेगी।
अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए Indian National Space Promotion and Authorization Center (IN-SPACe) की भूमिका अहम बताई गई। यह संस्था तकनीकी फंडिंग, सीड सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति सहयोग के जरिए स्पेस सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा दे रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि युवा वैज्ञानिकों और उद्यमियों को बेहतर अवसर देकर भारत को अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाया जाए।





























