कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को और सशक्त बनाते हुए “डार्क पैटर्न” के मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय हितधारक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने की। उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनियों से अपील करते हुए निर्देश दिया कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद डार्क पैटर्न की पहचान कर उसका विश्लेषण करें और उसे हटाएं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज के उपभोक्ता सतर्क, सूचित और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। उन्हें भ्रमित करने वाली तकनीकों के लिए अब कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को धोखे में डालने वाले डिजिटल इंटरफेस को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डार्क पैटर्न वे तकनीकी तरीके हैं जिनसे उपभोक्ताओं को अनजाने में किसी सेवा को खरीदने या अपनी सहमति देने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह प्रथा उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानी जाती है।
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, नियामक एजेंसियों, उद्योग संगठनों और उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें यह सहमति बनी कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और ईमानदार डिजिटल अनुभव मिलना चाहिए, न कि भ्रामक तरीकों से निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
श्री जोशी ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया कि वे तुरंत प्रभाव से आत्म-परीक्षण (Self-Audit) प्रक्रिया शुरू करें और उपभोक्ता संरक्षण (डार्क पैटर्न प्रतिबंध) नियम, 2023 के अनुरूप अपने प्लेटफॉर्म को डार्क पैटर्न मुक्त बनाएं।
रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी



























