Kaushlendra Pandey /दावोस / नई दिल्ली।विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum–WEF) 2026 के दौरान स्विट्ज़रलैंड के दावोस में भारत ने अपनी स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का वैश्विक मंच पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दुनिया भर के निवेशकों से भारत की तेज़ी से बढ़ती क्लीन एनर्जी क्रांति में भागीदार बनने का आह्वान किया।
मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत ऊर्जा परिवर्तन में ‘स्केल’ और ‘रिज़िलिएंस’ का बेहतरीन संयोजन प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ़ नीतिगत स्थिरता दिखाई है, बल्कि वैश्विक संकटों के बावजूद ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है।
2030 लक्ष्य की ओर मज़बूती से आगे भारत
दावोस में आयोजित सत्र “Resilient Infrastructure for Growth” को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2025 तक भारत की नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित ऊर्जा क्षमता 267 गीगावाट तक पहुँच चुकी है। भारत वर्ष 2030 तक निर्धारित नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में
मज़बूत नीतिगत ढांचा
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
ग्रिड आधुनिकीकरण
ऊर्जा भंडारण (Energy Storage)
ग्रीन हाइड्रोजन, जियोथर्मल और न्यूक्लियर एनर्जी पर फोकस
जैसे कई कारक भारत को वैश्विक निवेश के लिये आदर्श गंतव्य बनाते हैं।
सस्टेनेबिलिटी अब विकल्प नहीं, ज़रूरत
“Delivering Sustainability at Scale” विषय पर आयोजित गोलमेज चर्चा में मंत्री जोशी ने स्पष्ट कहा कि सस्टेनेबिलिटी अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक प्रतिस्पर्धा और दीर्घकालिक विकास की कुंजी बन चुकी है। उन्होंने सरकारों, निजी क्षेत्र और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
वैश्विक निवेशकों से सीधी बातचीत
दावोस प्रवास के दौरान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कई अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाक़ात की।
IKEA (Ingka Group) ने भारत के सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर में निवेश रुचि दिखाई
कनाडा की La Caisse के साथ दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा निवेश पर चर्चा
ओमान के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग की संभावनाएं
भारत बना भरोसेमंद वैश्विक ऊर्जा भागीदार
मंत्री जोशी ने कहा कि भारत का ऊर्जा मॉडल “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर आधारित है — एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। भारत न केवल अपनी ज़रूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि दुनिया के लिये भी सतत और भरोसेमंद ऊर्जा समाधान प्रदान करने की क्षमता रखता है।
रिपोर्ट : कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी



























