CIN /बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद एवं अरुण कुमार यादव की उपस्थिति में संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार की जोड़ी हिट हो गई । अपराध और भ्रष्टाचार को सत्ता में बैठे हुए लोगों के द्वारा बढ़ावा और संरक्षण दिया जा रहा है, ये स्पष्ट रूप से सामने आ गया है।
श्री शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि जहां एक और पुलिस मुख्यालय के द्वारा 31 मार्च 2026 को निलंबित किए गए डीएसपी गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय में 01 अप्रैल को योगदान देने की सूचना दी गई। यह वही रसूखदार व्यक्ति हैं जो अपनी सरकारी सेवा के दौरान चार-पांच जिलों में ही रहकर भ्रष्टाचार और लूट किया है यह सब को पता है । ये अपने सेवा के दौरान पूर्णिया अररिया किशनगंज बेतिया और बगहा जिलों में ही कार्यरत रहे। आखिर क्या कारण है कि इन्हें पुण: निलंबन के दौरान भी 07 अप्रैल 2026 से बेतिया डीआईजी कार्यालय में अटैच कर दिया गया जबकि यह उसी प्रक्षेत्र में भ्रष्टाचार और लूट किए गए थे। पटना में इन्होंने खोखे की व्यवस्था करके अपने आप को फिर से डीआईजी मुख्यालय बेतिया में अटैच करवा लिया है। बिहार में भ्रष्टाचार संपोषित सरकार चल रही है और उसके भीष्म पितामह श्री नीतीश कुमार जी हैं लेकिन अब वह कुछ ही दिनों के मेहमान है। डीएसपी पर करोड़ों की लेनदेन का मामला है और गंभीर आरोपों के बावजूद वह किस तरह से अपने आप को स्थापित रखे हुए हैं यह कहीं ना कहीं ऊपर से मिले संरक्षण के कारण हो रहा है। इनकी भूमिका देवदास की भी रही है।
इन्होंने आगे कहा कि बिहार में समानांतर अर्थव्यवस्था सरकार में बैठे हुए लोगों के माध्यम से चल रहा है। जिस कारण शराब माफिया के द्वारा समानांतर व्यवस्था स्थापित कर दिया गया है और उसमें सरकार में बैठे हुए लोगों की भूमिका है। जिस कारण बिहार में शराब के मामले में 10 लाख मामले दर्ज किए गए और 16 लाख के करीब लोगों की गिरफ्तारी हुई है। 2026 के आंकड़े के अनुसार बिहार में 2 लाख 67 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब पकड़े गए। बिहार में सत्ता के संरक्षण में अवैध शराब बिक रहे हैं और यह समानांतर अर्थव्यवस्था का स्रोत है। बिहार में शराब माफिया को संरक्षण मिलने का सबसे बड़ा कारण जो अधिकारी और पदाधिकारी शराब माफिया को पकड़ते हैं सरकार उन्हें पर कार्रवाई कर देती है जो अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं आखिर कैसे शराब माफिया को समाप्त कर बिहार में शराबबंदी को सफल बनाया जा सकता है। जब नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव इस मामले पर सवाल खड़ा करते हैं तो सत्ता पक्ष और मीडिया नेता प्रतिपक्ष से ही सवाल पूछना शुरू कर देते हैं, जबकि हकीकत यह है कि सरकार को आईना दिखाने में तेजस्वी प्रसाद यादव की बड़ी भूमिका होती है । और वो सच और सच्चाई से सरकार को रूबरू कराते हैं लेकिन सच्चाई सुनने वाले सरकार में कोई लोग नहीं है। बिहार में तीन सी से कंप्रोमाइज करने वाली सरकार चल रही है, जिसके कारण क्राइम, करप्शन, और कम्युनलिज्म को बढ़ावा मिल रहा है और सरकार में बैठे हुए लोग इस पर एक शब्द नहीं बोल रहे हैं।




























