Kaushlendra Pandey / इग्नू रीजनल सेंटर, पटना एवं इग्नू स्टडी सेंटर, टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के संयुक्त तत्वाधान में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के अंतर्गत “Social and Cultural Barriers for Under-representation of Women in Policy Making and Legislatures” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर उषा विद्यार्थी, प्रिंसिपल, महिला कॉलेज, खगौल, पूर्व विधायक एवं पूर्व सदस्या, बिहार महिला आयोग ने अपने विस्तृत एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान कर उन्हें नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केवल संवैधानिक प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन और महिलाओं की शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने इसे महिलाओं के दीर्घकालिक राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम बताया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कृष्णा राव ईशरला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण समग्र सामाजिक विकास का आधार है। उन्होंने शिक्षा, जागरूकता और संस्थागत सहयोग के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया और ऐसे अकादमिक आयोजनों को अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश इग्नू अध्ययन केंद्र, टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के प्रभारी समन्वयक डॉ. प्रशांत कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विषय की ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व इतिहास से प्राप्त एक संरचनात्मक चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए व्यापक सामाजिक परिवर्तन आवश्यक है।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना की सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. नीलू शर्मा ने महिला सशक्तिकरण में शिक्षा एवं जागरूकता की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि ज्ञान ही महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं निर्णय-क्षम बनाता है। टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के राजनीति विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. नूतन कुमारी ने विषय के राजनीतिक एवं नीतिगत आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने हेतु नीतिगत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने प्रश्न प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों के उत्तरों से चर्चा और अधिक समृद्ध एवं संवादपरक बनी।
कार्यक्रम का संचालन वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विनय भूषण द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन इग्नू अध्ययन केंद्र, टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के सहायक समन्वयक डॉ. नीरज रंजन द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. आसिफ इकबाल, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना तथा डॉ. सुशोभन पलाधी एवं डॉ. संजय कुमार, सहायक समन्वयक, इग्नू अध्ययन केंद्र, टी.पी.एस. कॉलेज, पटना की विशिष्ट उपस्थिति रही। साथ ही प्रो. ज्योत्सना कुमारी (विभागाध्यक्ष, प्राणीशास्त्र विभाग), डॉ. शशि प्रभा दुबे, डॉ. मुकुंद कुमार, डॉ. नूपुर, डॉ. हंस कुमार, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. रवि प्रभाकर, अमिताभ कुमार, अम्बरीष कुमार, डॉ. बिनोद चौधरी, डॉ. सत्यजीत, डॉ. सत्येंद्र शर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. नागेन्द्र राय, शोधार्थी अंकित कुमार एवं शिवम पराशर, इग्नू सहायक चंदन कुमार, सुधीर शर्मा, सौरभ, ऋत्विक सहित इग्नू अध्ययन केंद्र के अनेक छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता से संगोष्ठी अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई।





























