दिल्ली / हांगकांग के मुद्दे पर चीन की जान आफत में पड़ी है। पांच माह के बाद ये मुद्दा एक बार फिर से वैश्विक बनता जा रहा है, जिसकी वजह से चीन तिलमिलाया हुआ है। अमेरिका के साथ लगातार चीन का विवाद चल रहा है और अब इसमें एक बार फिर ये मुद्दा आग में घी का काम करता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने चीन को लेकर जो पिछले दिनों बेहद कठोर फैसले लिए है हांगकांग विवाद उसकी एक कड़ी मालूम पड़ रहा है। एक तरफ जहां चीन हांगकांग के मुद्दे से ध्यान भटकाने की पूरी कोशिश में लगा है वहीं अमेरिका लगातार उसके इस घाव को कुरेद कर उसका जख्म ताजा बनाए रखना चाहता है। ये एक ऐसा मुद्दा है जिसने बीते वर्ष से ही चीन को परेशान कर रखा है। इस विषय पर जानकारों की राय भी बेहद मायने रखती है। इसी मुद्दे पर दैनिक जागरण ने जेएनयू के सेंटर फॉर चाइनीज एंड साउथ एशियन स्टडीज के प्रोफेसर बीआर दीपक से बात की।
इस अहम बातचीत के दौरान प्रोफेसर दीपक ने कहा कि चीन और हांगकांग के बीच का टकराव लंबा चलेगा और ये भविष्य में चीन के लिए कई तरह की मुश्किलें भी खड़ी करेगा। उनके मुताबिक इसकी वजह ये है कि हांगकांग में होने वाले प्रदर्शनों में अब आजादी की जो मांग उठाई जा रही है उसको चीन किसी भी सूरत से बर्दाश्त नहीं कर सकता है। यही वजह है कि ये समस्या जल्द नहीं सुलझने वाली है। इसके अलावा जिस तरह से दूसरे देशों में हांगकांग के प्रदर्शनों को लेकर आवाजें उठ रही हैं उसमें चीन की परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी। उनके मुताबिक चीन लगातार हांगकांग में अपने नियमों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जिसकी वजह से वहां के लोगों में चीन की और हांगकांग की सरकार से टकराव बढ़ता जा रहा है।
काजल सिंह.



























