Kaushlendra Pandey/पटना 20 अप्रैल 2025 /बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव एवं प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार मनरेगा मजदूरों के दिसंबर से अब तक मेहनत के मेहनताना के पांच हजार करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान नहीं करके उनके और उनके परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति खड़ा कर दी है और उनको पलायन के लिए मजबूर कर रही है ।
नेताओं ने कहा कि इस संबंध में बिहार के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री श्री सम्राट चौधरी बिहार के लोगों को दिगभ्रमित करने के लिए और मनरेगा मजदूरों के आंखों में धूल झोंकने के लिए सच्चाई से लोगों को अवगत नहीं करा रहे हैं, जबकि सच्चाई तो यह की है,जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से पहले डबल इंजन सरकार के द्वारा जो घोषणा की जा रही वह सच नहीं है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बकाया राशि पांच हजार करोड रुपए में से एक पैसे का भी भुगतान नहीं किया है। जिस 2102 करोड़ रूपया की राशि निर्गत किए जाने की घोषणा की जा रही है , ये चालू वित्तीय वर्ष के 2025- 26 के योजना मद में खर्च के लिए केंद्र सरकार ने बिहार को दिए हैं ।जबकि पहले से मनरेगा मजदूरों के मेहनताना के बकाया और सामग्री का लगभग 5000 करोड़ रूपया 2024 -25 वित्तीय वर्ष का केंद्र सरकार पर बकाया है ,लेकिन उसमें से एक पैसे की राशि केंद्र सरकार ने नहीं दिया है और सिर्फ झूठ परोसने का काम किया जा रहा है।
नेताओं ने कहा कि अफसोस की बात है कि मजदूरों को दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक की राशि का भुगतान नहीं किया गया है ,जिसके कारण लोगों के समक्ष भुखमरी की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।और मनरेगा मजदूर सूद पर पैसे लेकर परिवार चलाने को मजबूरी है ।
नेताओं ने आगे कहा कि मनरेगा मजदूरों के बकाया राशि को केंद्र सरकार ने अब तक नहीं दिया है ।लेकिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 2102 करोड रुपए के संबंध में ऐसा ढिंढोरा पीट रहे हैं जैसे लग रहा है कि केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों के बकाया राशि का भुगतान ही कर दिया है ।जबकि यह आगे वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजना के लिए राशि खर्च किया जाना है ,और उसके लिए ही केंद्र सरकार ने 2025-26 चालू वित्तीय वर्ष के लिए राशि निर्गत करने की घोषणा की है। वह भी अभी अमल में कब आएगा ये स्पष्ट नहीं किया है ।
नेताओं ने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्देशानुसार राष्ट्रीय जनता दल की ओर से प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव सहित अन्य प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार को इस मामले पर पत्रकार वार्ता करके घेरा था। और कहा था कि केंद्र सरकार कि ओर से जो भी केंद्रीय मंत्री आते हैं , वो सिर्फ अपना चेहरा चमकाने और फोटो शूट कराने के लिए बिहार आते हैं।और बिहार सरकार के मंत्री उनके आव- भगत में लगे रहते हैं, इसी तरह से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मांग किया था कि वह मजदूरों के बकाया राशि पांच हजार करोड रुपए का भुगतान के लिए केंद्र सरकार से कब राशि देंगे ,इसकी घोषणा करें। उसके बाद भी केंद्रीय मंत्री की निद्रा नहीं टूटी, लेकिन डबल इंजन सरकार के लानत-मनामत होने के बाद केंद्र सरकार ने आने वाले वर्ष में खर्च के लिए मनरेगा के योजना के तहत 25-26 वित्तीय वर्ष के लिए 2102 करोड़ रूपया निर्गत किया है, लेकिन यह नहीं बताया कि पांच हजार करोड़ की बकाया राशि में से 2102 करोड़ रूपया से कैसे भुगतान हो पाएगा। यह बात समझ से परे है,यह तो उसी तरह की स्थिति है की तन ढकने के लिए चादर छोटे पड़ गए हैं।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के मजदूर और किसानों को दिग्भ्रमित करने वाली राजनीति ना करें और आई वास करके लोगों के मेहनताना पर राजनीति न करें, तो बेहतर रहेगा। केंद्र सरकार को चाहिए कि अविलंव जो बकाया राशि 2024- 25 के वित्तीय वर्ष के पांच हजार करोड रुपए का अविलंब केंद्र सरकार भुगतान करें जिससे कि मजदूरों के साथ न्याय हो सके और उनके परिवार के समक्ष जो भुखमरी की स्थिति है उसको समाप्त कराया जा सके।

























