नागपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार गोला-बारूद (Ammunition) निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र (Global Production Hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह बात नागपुर में Solar Defence & Aerospace Limited में मीडियम कैलिबर एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के उद्घाटन के अवसर पर कही।
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने गाइडेड पिनाका रॉकेट्स की पहली खेप को आर्मेनिया के लिए रवाना (Flag-off) भी किया। इसे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता और स्वदेशी तकनीक पर वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि रक्षा निर्माण में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को जल्द ही 50 प्रतिशत या उससे अधिक तक बढ़ाया जाए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि निजी उद्योग की बढ़ती भागीदारी से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, रोजगार सृजन और निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों से भारत आज न सिर्फ अपनी सेनाओं की जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि मित्र देशों को भी रक्षा उपकरण निर्यात करने की स्थिति में पहुंच चुका है।
नागपुर में शुरू हुई यह नई विनिर्माण इकाई भारतीय सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ देश की रणनीतिक क्षमता को और मजबूत करेगी। इससे देश की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित होगी और आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।
रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी



























