सौरभ निगम/नई दिल्ली। भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने NAKSHA और LandStack पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें भविष्य की भूमि मैपिंग नीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
सचिव मनोज जोशी ने कहा कि आधुनिक भूमि मानचित्रण आर्थिक स्थिरता और संपत्ति रिकॉर्ड में पारदर्शिता के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि पुराने हाथ से बने नक्शों की जगह अब डिजिटल GIS आधारित नक्शों को अपनाना होगा।
कार्यक्रम में NAKSHA परियोजना की प्रगति और आधुनिक सर्वे तकनीक के उपयोग पर प्रेजेंटेशन दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इससे भूमि विवादों में कमी आएगी और संपत्ति पहचान अधिक स्पष्ट होगी।
LandStack प्लेटफॉर्म के माध्यम से भूमि से जुड़े सभी रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध कराने की योजना है।
इससे लोगों को रजिस्ट्री, नामांतरण व टैक्स संबंधी प्रक्रियाएँ आसान होंगी।
भूमि प्रबंधन मजबूत होने से रियल एस्टेट बाजार में विश्वास बढ़ेगा।
संगोष्ठी में 3D मैपिंग, AI आधारित विश्लेषण व डिजिटल सर्वे तकनीक पर भी विचार किए गए।
सरकार का लक्ष्य है भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल व पारदर्शी बनाकर नागरिकों को सुरक्षित संपत्ति अधिकार देना।



























