नई दिल्ली। कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी ब्यूरो : National Mineral Exploration and Development Trust (NMET) की गवर्निंग बॉडी की बैठक में देश में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज को तेज़ करने, स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने और घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि भारत अपनी रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण को बड़े स्तर पर बढ़ाएगा और मजबूत घरेलू वैल्यू चेन विकसित करेगा।
केंद्रीय मंत्री Dr. Jitendra Singh ने कहा कि खनिज क्षेत्र के विकास में वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने CSIR-Institute of Minerals and Materials Technology (CSIR–IMMT) और Department of Atomic Energy (DAE) जैसे संस्थानों के योगदान को अहम बताया।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि खनन क्षेत्रों में सांसदों और विधायकों की भागीदारी से जमीनी स्तर पर समन्वय बेहतर होगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
यह पहल Department of Science and Technology, भारत सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत देश को खनिज संसाधनों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और रणनीतिक मजबूती प्रदान करना लक्ष्य है।


























