Kaushlendra Pandey / रामेश्वर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जीवन शैली से जुड़ी विभिन्न बीमारियां कारण और विचार विषय पर प्राचार्य प्रो.(डॉ.) श्यामल किशोर की अध्यक्षता में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किशोरी सिन्हा सभागार में किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आसव हॉस्पिटल के रीढ़, हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय श्रीवास्तव रहे । संगोष्ठी के संयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शारदा नंद सहनी रहे । डॉ. शारदा ने संगोष्ठी में उपस्थित अतिथि, सेवा योजना के स्वयंसेवकों, प्राध्यापकों और छात्र – छात्राओं का स्वागत करते हुए खराब जीवन शैली और उससे जुड़ी विभिन्न बीमारियों की ओर इंगित किया ।
डॉ. संजय श्रीवास्तव ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां मुख्यतः खराब खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, धूम्रपान, ऐल्कोहल और अत्यधिक तनाव के कारण होती हैं । इनमें मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर, थायराइड और श्वास से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए हम सभी को संतुलित आहार का सेवन, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, नशे से दूरी बनाए रखते हुए समय – समय पर चिकित्सकीय परीक्षण जरूरी है जिससे हम सब किसी भी तरह की बीमारी और अनहोनी से बच सकें ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने कहा कि जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों का मुख्य कारण लोगों की दैनिक आदतें होती । जीवन शैली में प्रगति के साथ, हम तकनीक और गैजेट्स पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं, जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है । कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने अधिक समय बिताने से गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है क्योंकि शरीर इस लगातार गतिविधि के अनुकूल होने के लिए खुद को बदलने लगता है । गर्दन का अकड़ना भी सिरदर्द, थकान और कमजोरी के साथ एक आम समस्या है । काम करते समय बैठने या खड़े होने की गलत मुद्रा रीढ़ की हड्डी पर दबाव डालती है और पीठ में लगातार दर्द का कारण बनती है । प्रो. श्यामल ने अच्छी जीवन शैली और संतुलित खान – पान पर ज्यादा जोर दिया ।
कार्यक्रम को एनसीसी पदाधिकारी प्रो.रजनी रंजन और आसव हॉस्पिटल की प्रबंध निदेशक डॉ. अमृता ने भी संबोधित किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. गोवर्धन ने किया ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों में डॉ. शारदा नंद सहनी,डॉ. धीरज कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संदीप कुमार सिंह, डॉ.बादल कुमार, डॉ.गोवर्धन,डॉ. उपेंद्र प्रसाद,डॉ. अभिनय कुमार, डॉ. माहेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ.सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. अविनाश, डॉ.रणवीर सिंह, डॉ.अंबुजेश कुमार मिश्र सहित सीतेश कुमार सिंह,रीतेश रंजन,किशन सहित बड़ी संख्या में छात्र – छात्राओं की उपस्थिति रही ।























