Kaushlendra Pandey पटना। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग एवं शैक्षणिक नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत संस्था एक्स्ट्रा-सी के मध्य आज दिनांक 08 अप्रैल, 2026 को पटना स्थित मदन मोहन सभागार में एक समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया। यह समझौता राज्य के सरकारी विद्यालयों में गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक, प्राथमिक शिक्षा श्री विक्रम विरकर ने की तथा उन्होंने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों का औपचारिक स्वागत किया।
एक्स्ट्रा-सी के प्रमुख श्री अमिताभ रंजन ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि संस्था द्वारा CBSE एवं AICTE जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर क्रॉसवर्ड आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शब्द-शक्ति, विश्लेषण-क्षमता एवं समस्या-समाधान कौशल को सुदृढ़ करना है तथा क्रॉसवर्ड को एक प्रभावी शैक्षणिक उपकरण के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार शिक्षा विभाग के साथ यह साझेदारी इस पहल की पहुँच एवं प्रभाव को और अधिक विस्तृत करेगी।
अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, श्री बी. राजेन्दर ने अपने उद्बोधन में इस समझौता ज्ञापन को बिहार के विद्यालयी बच्चों के सर्वांगीण बौद्धिक विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में क्रॉसवर्ड आधारित शिक्षण का समावेश विभाग की प्रगतिशील एवं शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा यह सहयोग राज्य के विद्यार्थियों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी सिद्ध होगा।
माननीय शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटलीकरण एवं कृत्रिम मेधा (AI) के वर्तमान युग में शिक्षा को तकनीक एवं नवाचार से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि एक्स्ट्रा-सी द्वारा प्रवर्तित गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियाँ विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा प्रौद्योगिकी एवं अध्ययन के मध्य एक स्वस्थ संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। माननीय मंत्री ने घोषणा की कि इस MOU के सुचारु क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा एक नोडल पदाधिकारी नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 76,139 विद्यालय विभाग के अधीन कार्यरत हैं और बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए विभाग इस पहल में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस MOU के अंतर्गत राज्य के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षकगण मुख्य लाभार्थी होंगे। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे क्रॉसवर्ड आधारित शिक्षण पद्धति को नियमित कक्षा-शिक्षण में प्रभावी रूप से समाहित कर सकें। यह पहल विद्यार्थियों की शब्द-शक्ति के संवर्धन, विश्लेषण-क्षमता के विकास एवं समस्या-समाधान कौशल को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान देगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा शिक्षा विभाग में हो रहे नवाचारों के प्रति माननीय मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव के निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की सराहना की।


























