रिपोर्ट: कौशलेन्द्र पाण्डेय/पटना। आज सहकारिता क्षेत्र में भी एक ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। बिस्कोमान (बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन) को 21 साल बाद नया नेतृत्व मिला है। विशाल सिंह को बिस्कोमान का नया अध्यक्ष चुना गया है, जिन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज कर एक नया इतिहास रच दिया।
विशाल सिंह कोई साधारण नाम नहीं हैं। वे एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता अजीत कुमार सिंह बिहार के कद्दावर नेता रहे हैं, जिन्होंने राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। वहीं, उनकी मां भी राजनीति में सक्रिय रही हैं और आरा से सांसद रह चुकी हैं। विशाल सिंह की यह जीत न केवल सहकारी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि युवा नेतृत्व अब बिहार में मजबूत पकड़ बना रहा है।
विशाल सिंह ने अध्यक्ष बनने के बाद अपने संबोधन में कहा, “बिस्कोमान को भ्रष्टाचार और निष्क्रियता से बाहर निकालकर एक आदर्श संस्था बनाना मेरा लक्ष्य है। किसानों और उपभोक्ताओं के हित में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।”
उनकी जीत को सहकारी क्षेत्र में बदलाव और पारदर्शिता की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। बिस्कोमान वर्षों से गुटबाजी और राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार रहा है, लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि नए नेतृत्व में यह संस्था अपने वास्तविक उद्देश्य की ओर लौटेगी।




























