मुजफ्फरपुर । रामेश्वर महाविद्यालय मुजफ्फरपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा बिहार दिवस का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया । इस अवसर पर प्राचार्य सहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियों और सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अपने गौरवशाली इतिहास को याद किया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) श्यामल किशोर ने पूरे महाविद्यालय परिवार को बिहार दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि बिहार का साहित्यिक,सांस्कृतिक और राजनीतिक वैभव का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है । नालंदा और विक्रमशिला विद्यापीठों के भग्नावशेष आज भी बिहार के गौरव का गायन कर रहे हैं । वैशाली सहित पाटलिपुत्र और मगध साम्राज्य के इतिहास को पढ़कर हम रोमांचित हो उठते हैं । बिहार को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है । पूरी दुनिया में मुजफ्फरपुर की लीची, भागलपुरी शिल्क और मधुबनी पेंटिंग अपनी अमिट छाप छोड़ती है । आज का यह अवसर हम सभी के लिए प्रेरणास्पद है ।
महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो.(डॉ.) रजनी रंजन ने बताया कि बिहार अपनी भौगोलिक संरचना में तो अद्भुत है ही । साहित्यिक और दार्शनिक दृष्टि से भी बिहार बहुत समृद्ध रहा । साहित्य में जैन परंपरा और दर्शन के गहन अध्ययन के लिए हमें वैशाली के जैन मुनियों के अवदान को देखकर इस बात का अंदाज लग जाता है कि हम कितने समृद्ध थे ।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शारदा नंद सहनी ने सभी का स्वागत अभिनन्दन करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष हम सभी मिलकर बिहार दिवस का आयोजन करते हैं । हम सभी के लिए यह अवसर अपनी परंपरा को याद करने और वर्तमान को उसी के अनुरूप ढालने के दिन के रूप में मनाते हैं ।
कार्यक्रम को अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. उपेंद्र गामी तथा उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. वसीम रजा ने भी संबोधित किया ।
इस अवसर पर डॉ. शारदानंद सहनी,
डॉ सुमित्रा कुमारी, इंजीनियर बिंदेश्वरी शर्मा, डॉ. वसीम रेजा, डॉ. संतोष कुमार, शिक्षकेत्तर कर्मियों में उमेश प्रसाद सिंह , रामचरण सहनी, शिवशंकर सहनी, सितेश कुमार सिंह,प्रभात कुमार,अजीत कुमार, प्रशांत प्रवीण सहित कई छात्र – छात्राओं की उपस्थित रहीं, जिनमें रानी कुमारी, सिल्की कुमारी, कोमल कुमारी, श्रुति सुमन, अभिषेक कुमार, निशांत कुमार एवं साहिल कुमार भी थे ।डॉ.संदीप कुमार सिंह*मीडिया प्रभारी – रामेश्वर महाविद्यालय मुजफ्फरपुर

























