Droupadi Murmu ने AIIMS Rajkot के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए चिकित्सा पेशे की मूल भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “मेडिसिन केवल एक प्रोफेशन नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति एक प्रतिबद्धता है।”
राष्ट्रपति ने छात्रों को नवाचार (innovation) को अपनाने के लिए प्रेरित किया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा क्षेत्र में मानवीय संवेदनाएं (human compassion) कभी भी तकनीक द्वारा प्रतिस्थापित नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के लिए मरीजों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं।
उन्होंने युवा चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक और शोध के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने कार्य में शामिल करें, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी और मानवीय बन सकें।
यह दीक्षांत समारोह Ministry of Health and Family Welfare के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।



























