प्रिया सिन्हा /दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचार आज भी जीवंत: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन/
कहा— शिक्षा ही आदिवासी, मूलवासी, किसान-मजदूरों को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम
झारखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु आदरणीय शिबू सोरेन की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि यह दिन झारखंड और यहां के किसान, मजदूर, गरीब, आदिवासी और मूलवासी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान, त्याग, बलिदान और विचार आज भी पूरी तरह जीवंत हैं और समाज को दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नई पीढ़ी को इस अवसर पर सामने देखकर और उनसे संवाद करने का मौका मिलना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब समाज में अमीरी और गरीबी की खाई बढ़ती है, तब टकराव की स्थिति पैदा होती है। झारखंड में एक समय महाजनों का प्रकोप चरम पर था, और उस दौर में अशिक्षित लोगों के लिए परिस्थितियां अत्यंत कठिन थीं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसी कारण शिक्षा का महत्व और भी बढ़ जाता है। हमारे अग्रणी नेताओं ने हमेशा बच्चों को शिक्षित करने पर बल दिया, ताकि वे शोषण और अन्याय के खिलाफ खड़े हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की कुंजी है।
हेमंत सोरेन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों को आत्मसात करें और शिक्षा को अपने जीवन का आधार बनाएं, ताकि झारखंड को एक न्यायपूर्ण, समावेशी और सशक्त राज्य के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।
रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी


























