Kaushlendra Pandey /महामना मालवीय की जयंती पर ‘महामना वांग्मय’ की अंतिम श्रृंखला का विमोचन.
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया 12 खंडों के संग्रह का लोकार्पण
नई दिल्ली — महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उनकी रचनाओं के संग्रह की अंतिम श्रृंखला ‘महामना वांग्मय’ का विमोचन किया। यह श्रृंखला कुल 12 खंडों में प्रकाशित की गई है, जो महामना मालवीय के जीवन, विचार, संघर्ष और विरासत की अभूतपूर्व एवं विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि महामना मालवीय केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के महान स्तंभ थे। ‘महामना वांग्मय’ आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके विचारों और मूल्यों को समझने का एक प्रामाणिक दस्तावेज है।
12 खंडों में संकलित इस श्रृंखला में महामना मालवीय के भाषण, लेख, राजनीतिक दृष्टिकोण, सामाजिक सुधारों पर विचार, विधायी कार्यों तथा राष्ट्रवादी चिंतन को समाहित किया गया है। यह संग्रह शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि, विद्वान एवं संस्कृति जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक प्रकाशन का उद्देश्य महामना मालवीय के विचारों को संरक्षित कर देश-समाज तक पहुँचाना है।





























